श्री कृष्णा चालीसा
और पढ़ें
श्री कृष्ण चालीसा
बंशी शोभित कर मधुर, नील जलद तन श्याम। अरुणअधरजनु बिम्बफल, नयनकमल अभिराम।। पूर्ण इन्द्र ,अरविन्द मुख , पीतांबर भुज साज ।…
जनवरी 03, 2026बंशी शोभित कर मधुर, नील जलद तन श्याम। अरुणअधरजनु बिम्बफल, नयनकमल अभिराम।। पूर्ण इन्द्र ,अरविन्द मुख , पीतांबर भुज साज ।…
Pauranik kathaye जनवरी 03, 2026